Tuesday, May 5, 2026
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Navi mumbai metro line 1 hits 1 crore ridership in 2 years

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सिडकोच्या मेट्रो लाईन क्रमांक 1 बेलापूर ते पेंढार या मार्गावर मेट्रो सेवा सुरू झाल्यापासून 6 सप्टेंबर 2025 रोजी 1 कोटी प्रवाशांनी विक्रमी प्रवास (ridership) केला आहे.

नवी मुंबईतील (navi mumbai) सार्वजनिक वाहतूक व्यवस्था मजबूत करण्यासाठी सिडकोकडून नवी मुंबई मेट्रो प्रकल्प राबविला जात आहे. लाईन क्रमांक 1 बेलापूर ते पेंढार हा मार्ग कार्यान्वित करण्यात आला आणि 17 नोव्हेंबर 2023 रोजी येथे मेट्रो सेवा सुरू झाली.

या मेट्रो (metro) मार्गाने सीबीडी बेलापूर परिसरातील कार्यालये, तळोजा एमआयडीसी आणि तळोजा आणि खारघर भागातील सिडकोच्या गृहसंकुलांना उत्कृष्ट कनेक्टिव्हिटी प्रदान करण्यात महत्त्वाची भूमिका बजावली आहे.

मेट्रो सेवेची कार्यक्षमता वाढवण्यासाठी सिडकोने (cidco) वेळापत्रकात काटेकोरपणे सुधारणा केली आहे की सध्या बेलापूर आणि तळोजा दरम्यान दोन्ही दिशांना गर्दीच्या वेळी दर 10 मिनिटांनी आणि गर्दी नसलेल्या वेळेत 15 मिनिटांनी मेट्रो सेवा उपलब्ध आहे.

मेट्रोचे भाडे कमी करण्यात आले आहे, त्यामुळे किमान तिकीट भाडे 10 रुपये तर कमाल 30 रुपये आहे. या प्रवासी-अनुकूल उपाययोजनांमुळे या मार्गावर अधिकाधिक प्रवासी येत आहेत आणि म्हणूनच अवघ्या दोन वर्षात 1 कोटी प्रवाशांची विक्रमी संख्या गाठली आहे.


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40% गणपती मूर्ती कृत्रिम तलावांमध्ये विसर्जित

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गणेशोत्सवाच्या शेवटच्या दिवशी, रविवारी संध्याकाळपर्यंत मुंबईतील कृत्रिम आणि नैसर्गिक अशा दोन्ही प्रकारच्या जलसाठ्यांमध्ये एकूण 1,97,114 गणेशमूर्तींचे विसर्जन करण्यात आले. 27 ऑगस्ट ते 6 सप्टेंबर या कालावधीत गणेशोत्सव जल्लोषात साजरा करण्यात आला. 

प्रचंड गर्दीचे व्यवस्थापन करण्यासाठी, शहरातील 70 नैसर्गिक विसर्जन स्थळे आणि 290 हून अधिक कृत्रिम तलावांवर महानगरपालिका अधिकारी, कर्मचारी आणि स्वयंसेवकांसह 10,000 हून अधिक कर्मचारी तैनात करण्यात आले होते.

विसर्जनात 1,81,375 घरगुती मूर्ती तर 10,148 सार्वजनिक मंडळांच्या मूर्ती आणि 5,591 गौरी-हरतालिका मूर्तींचा समावेश होता.

उपमहानगरपालिका आयुक्त प्रशांत सपकाळे यांनी नमूद केले की सुमारे 40% मूर्ती कृत्रिम तलावांमध्ये विसर्जित करण्यात आल्या आहेत. ज्यामुळे भाविकांमध्ये पर्यावरणपूरक पद्धतींना वाढती पसंती दिसून येत आहे.

बीएमसीच्या घनकचरा व्यवस्थापन विभागाने 594 निर्माल्य संकलन कुंड्या आणि 307 समर्पित वाहने तैनात केली. सुमारे 508 मेट्रिक टन निर्माल्य (फुले, पाने, हार) गोळा करण्यात आले आणि वैज्ञानिक प्रक्रियेसाठी पाठवण्यात आले.

उत्सवादरम्यान पर्यावरणीय परिणाम कमीत कमी व्हावा यासाठी सार्वजनिक मंडळांनी सेंद्रिय कचऱ्याचे वर्गीकरण आणि विल्हेवाट लावण्यात सक्रियपणे सहकार्य केले.


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बाढ़ प्रभावित पंजाब की मदद के लिए राहत कार्य में जुटे हरभजन सिंह, कहा- ‘जरूरत पड़ने पर…’

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भारत के पूर्व स्पिनर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह बाढ़ प्रभावित अपने गृह राज्य पंजाब की मदद के लिए आगे आए हैं. वह राहत कार्य के लिए धन इकट्ठा कर रहे हैं. उनके एक करीबी सूत्र ने पीटीआई को बताया कि अपने सांसद निधि कोष से हरभजन ने राहत कार्यों के लिए आठ स्टीमर नावें स्वीकृत करने के साथ अपने संसाधनों से तीन और नावें दी हैं.

सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर कहा, ‘‘हरभजन ने कुल 11 स्टीमर नावें दान की हैं. आठ अपनी सांसद निधि से और तीन अपनी जेब से. प्रत्येक नाव की कीमत लगभग 4.5 से 5.5 लाख रुपये हैं. उन्होंने गंभीर रूप से बीमार लोगों को पास के अस्पतालों में सुचारू रूप से पहुंचाने के लिए तीन एम्बुलेंस भी खरीदी हैं.’’

पंजाब पिछले कुछ हफ्तों से भारी मानसूनी बारिश और नदी के तटबंधों में दरार के कारण आई गंभीर बाढ़ की स्थिति से जूझ रहा है, जिससे बड़े पैमाने पर लोग विस्थापित हुए हैं और फसलों को भी नुकसान पहुंचा है. कई जिले अभी भी जलमग्न हैं, और राज्य सरकार, स्वयंसेवी समूह बचाव और राहत कार्य में जुटे हुए हैं.

क्रिकेटर से राजनेता बने हरभजन सिंह ने भी मदद के लिए अपने दोस्तों और शुभचिंतकों से संपर्क किया है. एक सूत्र के अनुसार हरभजन के अनुरोध पर एक खेल संगठन ने 30 लाख रु का दान दिया है जबकि उनके दो करीबी दोस्तों ने क्रमशः 12 लाख रु और छह लाख रु का योगदान दिया है.

सूत्र ने बताया, ‘‘लगभग 50 लाख रु पहले ही इकट्ठे कर दान किए जा चुके हैं.’’  उन्होंने यह भी कहा कि प्रभावित परिवारों को भोजन और दवा जैसी आवश्यक वस्तुएं भी नियमित रूप से पहुंचाई जा रही हैं.

आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य हरभजन सिंह स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और उन्होंने आश्वासन दिया है कि जरूरत पड़ने पर और भी सहायता प्रदान की जाएगी.

सचिन तेंदुलकर के 3 सबसे बड़े गुरू, तीन तस्वीरों में करवाया पूरी जिंदगी से रूबरू

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Sachin Tendulkar On Teacher’s Day: भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट से जुड़े ज्यादातर लोग अपने गुरू के रूप में देखते हैं. टीम इंडिया में खेल रहे खिलाड़ी नहीं, बल्कि देश का हर बच्चा सचिन तेंदुलकर को देखकर बड़ा हुआ है और उन्हें देखकर ही क्रिकेट सीखता आया है. लेकिन आज 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के मौके पर क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले इस खिलाड़ी ने अपने जीवन के तीन बड़े गुरुओं के बारे में बताया है. सचिन तेंदुलकर ने शिक्षक दिवस के मौके पर एक खास पोस्ट शेयर की है.

सचिन तेंदुलकर के जीवन के 3 बड़े गुरू

सचिन तेंदुलकर ने शिक्षक दिवस के मौके पर तीन खास फोटो शेयर की हैं. इसमें पहली फोटो में सचिन उनके पिता रमेश तेंदुलकर के साथ हैं. सचिन अपने पिता के बारे में कई बार बता चुके हैं कि उनके पिता काफी परवाह करते थे, लेकिन उनके साथ कभी स्ट्रिक्ट नहीं थे. सचिन ये भी बता चुके हैं कि ‘वे अपने समय से आगे की सोच रखते थे, लाखों वजह में से ये भी एक कारण है कि जिस वजह से मैं उनसे प्यार करता हूं’.

सचिन तेंदुलकर ने दूसरी फोटो आर्चरेकर सर के साथ शेयर की और तीसरी फोटो में सचिन ने अपना गुरू अपने बड़े भाई अजीत को बताया. अजीत ही वो पहले शख्स थे, जिन्होंने सचिन के अंदर के क्रिकेटिंग टैलेंट को पहचाना था और 11 साल के सचिन तेंदुलकर को लेकर वे आर्चरेकर सर के पास गए थे. भारत को सचिन तेंदुलकर जैसा महान खिलाड़ी देने के लिए गुरू रमाकांत आर्चरेकर को द्रोणाचार्य अवॉर्ड भी दिया जा चुका है. इन्हें 2010 में पद्मश्री से भी नवाजा जा चुका है.


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एशिया कप में भारत की बंपर जीत, मलेशिया को 4-1 से धो डाला; फाइनल में जगह लगभग पक्की

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हॉकी एशिया कप में भारत ने मलेशिया को 4-1 से हरा दिया है. सुपर-4 चरण के इस मैच में सबसे पहला गोल मलेशिया ने किया था, लेकिन उसके बाद टीम इंडिया ने जबरदस्त खेल दिखाते हुए बड़े अंतर से इस मैच को जीता. इस जीत से भारत सुपर-4 की पॉइंट्स टेबल में पहला स्थान हासिल कर लिया है. भारत के लिए मनप्रीत सिंह, सुखजीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा और विवेक प्रसाद ने एक-एक गोल दागा.

मैच के दूसरे मिनट में ही मलेशिया के शफीक हसन ने गोल कर दिया था. पहले क्वार्टर के अंत तक मलेशिया 1-0 आगे चल रहा था. 17वें मिनट में हरमनप्रीत सिंह पेनल्टी कॉर्नर पर गोल दागने से चूक गए थे, लेकिन मनप्रीत सिंह ने मौका मिलते ही गोल दाग दिया और टीम इंडिया को 1-1 से बराबरी पर पहुंचाया. उसके 2 मिनट बाद ही सुखजीत सिंह ने भारत को 2-1 से बढ़त दिलाई.

टीम इंडिया दूसरे क्वार्टर में पूरी तरह हावी रही, क्योंकि 24वें मिनट में शिलानंद लाकड़ा ने भी गोल दागा. भारतीय टीम महज 7 मिनट के भीतर तीन गोल करके 3-1 की बढ़त बना चुकी थी. मैच का चौथा और आखिरी गोल 38वें मिनट में आया, जब भारत के विवेक प्रसाद ने गोल किया. भारत ने 4-1 की बढ़त को अंत तक बनाए रखा और बड़ी जीत दर्ज की.

फाइनल के करीब भारत

भारतीय टीम ने हॉकी एशिया कप के फाइनल में लगभग स्थान पक्का कर लिया है. अगर मलेशिया अगले मैच में दक्षिण कोरिया को हरा देता है तो भारत को चीन के खिलाफ हार भी मिलती है तो वो फाइनल में पहुंच जाएगा. दूसरी ओर अगर मलेशिया को कोरिया पर जीत मिलती है तो भारत को सुनिश्चित करना होगा कि वो चीन के साथ ड्रॉ खेले या जीत दर्ज करे. भारत का सुपर-4 चरण में आखिरी मैच 6 सितंबर को चीन से होना है.

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New high court complex to be built in bandra

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कॅफेटेरिया पार्किंग, न्यायाधीशांसाठी निवासस्थानासह सोयीसुविधा असलेली मुंबई उच्च न्यायालयाची वांद्रे (पूर्व) (bandra) येथे नवीन इमारत बांधण्यात येणार आहे.

या संकुलाच्या बांधकामासाठी 3,750 कोटींचा खर्च अपेक्षित असून मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांच्या अध्यक्षतेखाली बुधवारी झालेल्या मंत्रिमंडळाच्या बैठकीत याला मंजुरी देण्यात आली आहे. वांद्रे (पूर्व) येथे शासकीय वसाहतीतील सुमारे 30.16 एकरवर उच्च न्यायालयाचे नवीन संकुल (complex) उभारले जाणार आहे.

याठिकाणी उच्च न्यायालयाचे (bombay high court) हायकोर्ट रुम, न्यायाधीशांची दालने आणि अन्य अधिकारी-कर्मचाऱ्यांसाठीची दालने, सभागृह, ग्रंथालय याशिवाय न्यायाधीशांची निवासस्थाने, प्रशस्त वाहनतळ यांसह अनेकविध आधुनिक सुविधा उपलब्ध करून देण्यात येणार आहेत. हा महत्त्वपूर्ण प्रकल्प म्हणून घोषित करण्यात आला असून तो वेळेत पूर्ण केला जाणार आहे.

मुंबईतील (mumbai) फ्लोरा फाऊंटन येथे 16 ऑगस्ट 1862 रोजी स्थापन झालेली मुंबई उच्च न्यायालयाची इमारत आहे. ही भव्य इमारत केवळ 6 न्यायालये आणि दहा न्यायाधीशांच्या वापरासाठी तयार करण्यात आली होती. मुंबई ही महाराष्ट्राची (maharashtra) राजधानी असून औद्योगिक आणि आर्थिक विकासात आघाडीवर आहे.

नवीन प्रस्तावित संकुलात न्यायालयीन खोल्या, न्यायाधीश आणि नोंदणी कर्मचाऱ्यांसाठी चेंबर्स, वकील चेंबर्स, सभागृह, ग्रंथालय याबरोबरच बँकिंग सुविधा, वैद्यकीय सुविधा, कॅफेटेरिया, कार पार्किंग, संग्रहालय अशा विविध सोयी सुविधा उपलब्ध असतील. त्याचबरोबर दिव्यांगांसाठी आवश्यक असलेल्या सर्व सुविधा या इमारतीत असणार आहे.

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